गम्हरिया। जमशेदपुर डेयरी (दुग्ध कंपनी) में कार्यरत कर्मचारी रविंद्र नाथ ठाकुर (59 वर्ष) की मौत के मामले में परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। सोमवार को दुर्गापूजा मैदान स्थित सामुदायिक भवन में मृतक की पत्नी तारा देवी ने प्रेस वार्ता में बताया कि उनके पति करीब 30 वर्षों से जमशेदपुर डेयरी, आदित्यपुर में कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि 17 जून 2026 को सुबह नौ बजे ड्यूटी के दौरान रविंद्र नाथ ठाकुर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद बिना समुचित इलाज के करीब शाम साढ़े चार बजे कंपनी के दो कर्मचारियों द्वारा टेंपो से उन्हें घर पहुंचा दिया गया। उस समय वह चलने और बोलने की स्थिति में नहीं थे, जिसके कारण उन्हें सहारा देकर घर लाया गया। परिजनों के अनुसार इसके बाद उन्हें इलाज के लिए ईएसआई अस्पताल आदित्यपुर में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए टीएमएच जमशेदपुर रेफर किया गया। रात करीब 12 बजे उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर में जहर का प्रभाव है। इसके बाद उन्हें रिम्स रांची रेफर किया गया, जहां 20 जून को सुबह भर्ती कराया गया और 21 जून को दोपहर करीब 2:48 बजे उनकी मौत हो गई। तारा देवी ने आरोप लगाया कि 18 जून को कंपनी प्रबंधन से बातचीत करने पहुंचे पुत्र चंदन ठाकुर एवं परिवार के सदस्य को प्रबंधन ने यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि तबीयत बिगड़ने के बाद कंपनी ने उन्हें घर भेज दिया था। परिजनों ने कहा कि समय पर उचित इलाज मिलने से शायद उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने मामले में जमशेदपुर डेयरी के सीईओ समेत अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों पर हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर 1 जुलाई से जमशेदपुर डेयरी के मुख्य गेट को अनिश्चितकालीन जाम किया जाएगा। परिवार ने स्थायी नौकरी और उचित मुआवजे की भी मांग की है। उनका कहना है कि मृतक की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस अवसर पर मृतक के पुत्र चंदन ठाकुर, समाजसेविका रश्मि भेंगरा समेत अन्य थे।
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डेयरी कर्मचारी की मौत के मामले में प्रबंधन पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग, 1 जुलाई को गेट जाम
जमशेदपुर डेयरी (दुग्ध कंपनी) में कार्यरत कर्मचारी रविंद्र नाथ ठाकुर (59 वर्ष) की मौत के मामले में परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
लेखक: संवाददाता · 29 जून 2026
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