गम्हरिया। टाटा लांग प्रोडक्ट जमीनदाता स्वावलंबी कल्याण सहयोग समिति की बैठक रविवार को दुग्धा पंचायत भवन में आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता समिति के पूर्व अध्यक्ष बदन गौड़, दुग्धा पंचायत के मुखिया मोहन बास्के तथा वर्तमान अध्यक्ष नील कमल महतो ने की। बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने के साथ-साथ जमीनदाताओं की समस्याओं एवं पंचायत के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पंचायत के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा विभिन्न वार्डों के लोगों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि टाटा स्टील प्रबंधन की ओर से वल्लभ स्टील (वर्तमान में टाटा स्टील) से जुड़े लंबित मुद्दों पर जमीनदाताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं किया जाता है तो वे न्याय की मांग को लेकर सीधे झारखंड हाईकोर्ट की शरण लेंगे। समिति के अध्यक्ष नील कमल महतो ने कहा कि वल्लभ स्टील परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले रैयत आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। एक ओर उनकी जमीन चली गई, वहीं दूसरी ओर रोजगार और अन्य वादों का लाभ भी उन्हें नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि वर्षों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ऐसे में अब जमीनदाता आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। ग्रामीणों ने भी स्पष्ट कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में रैयतों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में पंचायत के विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने, जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने तथा संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने का भी संकल्प लिया गया। अंत में उपस्थित लोगों ने बैठक में लिए गए निर्णयों का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर किए। बैठक में जगदीश कैबर्तो, देवाशीष प्रधान, बबलू प्रधान, पवन प्रधान, मंगल सरदार, बिपिन बिहारी मंडल, विश्वजीत मंडल, इंद्रजीत मंडल सहित बड़ी संख्या में जमीनदाता, समिति के पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे।