आदित्यपुर। औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों की समस्याओं और उनके बुनियादी अधिकारों को लेकर कोल्हान मजदूर यूनियन ने आंदोलन का ऐलान किया है। औद्योगिक क्षेत्र में वर्षों बाद मजदूरों को उनके हक एवं अधिकार के लिए एकजुट करने का यह ऐतिहासिक पहल काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूनियन के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अरविंद सिंह का यह प्रयास जहां औद्योगिक क्षेत्र में भूचाल ला दिया है, वहीं मजदूरों के चेहरे पर उम्मीद की किरणें झलकने लगी है। इस मामले को लेकर आदित्यपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने बताया कि आगामी 20 सितंबर को आदित्यपुर के खरकई पुल से गम्हरिया स्थित टायो गेट तक मजदूरों एवं आम लोगों का विशाल मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। इसके बाद घोड़ा बाबा मंदिर परिसर में विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। अरविंद सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी उद्योग या प्रबंधन के विरोध के लिए नहीं, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों और सम्मान की आवाज को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनियन का संकल्प है कि उद्योग मजबूत हों, मजदूर सुरक्षित हों और श्रम का सम्मान हो। उन्होंने मजदूरों से जुड़े 18 सूत्रीय मुद्दों को उठाते हुए औद्योगिक इकाइयों में श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन पर सवाल उठाए। कहा कि अधिकतर कारखानों में श्रमिकों से 12-12 घंटे तक काम कराया जा रहा है, जबकि साप्ताहिक अवकाश, स्वच्छ पेयजल और विश्राम जैसी सुविधाएं नहीं दी जाती हैं यहां तक कि मजदूरों को राष्ट्रीय राजकीय अवकाश भी नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मजदूर सुबह घर से 4 बजे ही निकलते हैं और कंपनी प्रबंधन उनसे 16-16 घंटे भी काम करवाता है। इससे मजदूरों को विश्राम करने का समय भी नहीं मिल पाता और न ही उन्हें अपने परिवार को समय देने का पर्याप्त मौका मिलता है। अरविंद सिंह ने कहा कि समान कार्य करने वाले स्थायी और अस्थायी श्रमिकों के वेतन एवं बोनस में अंतर की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने न्यूनतम वेतन, पीएफ, ईएसआई और ओवरटाइम से जुड़े नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए। अपने अधिकारों की मांग करने वाले श्रमिकों के बीच नौकरी जाने का भय बना रहता है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के साथ-साथ रोजगार की सुरक्षा की भी चिंता रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठानों में स्किल्ड श्रमिकों को सेमी-स्किल्ड या कॉन्ट्रैक्ट श्रेणी में रखकर उनका ग्रेड कम किया जा रहा है। वहीं, अधिकारों की आवाज उठाने वाले मजदूरों के तबादले के जरिए कथित तौर पर उन्हें परेशान किए जाने की शिकायतें भी हैं। यूनियन अध्यक्ष ने श्रम विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत, ड्रेनेज व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, अतिरिक्त पुलिस आउटपोस्ट और श्रमिकों के लिए सुरक्षित बस सेवा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में दूर-दराज से आने वाले मजदूरों को आवागमन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे मजदूरों में सरायकेला,खरसावां,चांडिल, इच्छागढ़,राजनगर,हाता, हल्दीपोखर,चिलगु,काकी, कांडारबेरा, कपाली, माहलीमुरूप,जमशेदपुर और गोबिंदपुर जैसे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिक शामिल हैं। उनके लिए सुरक्षित और सुगम बस सेवा उपलब्ध कराना आवश्यक है। कहा कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर जल्द ही खुली बहस आयोजित की जाएगी, ताकि श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो सके और समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल की जा सके।अरविंद सिंह ने कोल्हान क्षेत्र के मजदूरों और आम नागरिकों से 20 सितंबर को प्रस्तावित मानव श्रृंखला एवं जनसभा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और उनकी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवालों को मजबूती से सामने रखने का माध्यम बनेगा। प्रेस वार्ता में कोल्हान मजदूर यूनियन के महामंत्री अजय कुमार शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बसंत कुमार, उपाध्यक्ष जगदीश नारायण चौबे, कोषाध्यक्ष इन्द्र कांत झा (इशू झा) तथा असंगठित मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पांडेय सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों का 20 सितंबर को आदित्यपुर से ग़म्हरिया तक मानव श्रृंखला
औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों की समस्याओं और उनके बुनियादी अधिकारों को लेकर कोल्हान मजदूर यूनियन ने आंदोलन का ऐलान किया है।
लेखक: संवाददाता · 16 सितंबर 2026
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