गम्हरिया। कृषि-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किसानों के लिए बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। अब किसानों को एआई के माध्यम से खेती, उत्पादन, मिट्टी, कृषि सेवाओं और बाजार से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए बिहार एवं झारखंड में किसानों को जोड़ने के उद्देश्य से कार्यालय और डिमांड सेंटर नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई, चांडिल और राजनगर समेत विभिन्न क्षेत्रों में डिमांड सेंटर खोले जाने की योजना है। कृषि तकनीक के क्षेत्र में कार्यरत एग्रीअर्जुना डॉट एआई किसानों को व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़कर एआई आधारित खेती की जानकारी उपलब्ध कराएगी। कंपनी के फाउंडर सह सीईओ प्रणव भारती ने बताया कि कंपनी का चयन एक्सएलआरआई काउंसिल फॉर इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एक्सआईटी) कोहॉर्ट-1 के लिए किया गया है। यह एक्सएलआरआई की पहल है, जिसे नाबार्ड का सहयोग प्राप्त है। उन्होंने बताया कि कंपनी की टीम 7 से 10 सितंबर तक जमशेदपुर स्थित एक्सएलआरआई में आयोजित एक्सआईटी कोहॉर्ट-1 लॉन्च बूट कैंप में भाग लेगी। इसके साथ कंपनी की 6 से 9 महीने की इनक्यूबेशन यात्रा शुरू होगी। वर्तमान में कंपनी बिहार और झारखंड में अपने फील्ड नेटवर्क और डिमांड सेंटर मॉडल को मजबूत कर रही है। कंपनी एआई आधारित क्लाइमेट-स्मार्ट फार्म ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और ग्रामीण भागीदारों को सही समय पर कृषि सलाह, मिट्टी संबंधी जानकारी, कृषि सेवाएं, पुनर्योजी खेती के समाधान और भरोसेमंद बाजार संपर्क उपलब्ध कराना है। प्रणव भारती ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल एक तकनीकी प्लेटफॉर्म तैयार करना नहीं, बल्कि किसानों तक सही समय पर उपयोगी जानकारी, आवश्यक सेवाएं और बेहतर बाजार अवसर पहुंचाने वाला भरोसेमंद कृषि ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित करना है। इनक्यूबेशन के दौरान कंपनी मिट्टी परीक्षण, क्लाइमेट-स्मार्ट खेती, ड्रोन एवं कृषि मशीनीकरण, पुनर्योजी कृषि और बाजार संपर्क से जुड़े विस्तार योग्य मॉडल पर काम करेगी। कंपनी का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में लाखों किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है
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एआई बताएगा खेती से बाजार तक का रास्ता, किसानों के लिए खुलेंगे डिमांड सेंटर
कृषि-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किसानों के लिए बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। अब किसानों को एआई के माध्यम से खेती, उत्पादन, मिट्टी, कृषि सेवाओं और बाजार से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
लेखक: संवाददाता · 29 अगस्त 2026
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