गम्हरिया।
बुढ़मू अंचलाधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा को एसीबी द्वारा मध्यरात्रि में की गई गिरफ्तारी के विरोध में सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासनिक सेवा संघ ने कड़ा ऐतराज जताया है। संघ ने इसे अवैध, असंवैधानिक और दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए राज्य सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की आपात बैठक के बाद जिला स्तर से विरोध शुरू की गई है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति आवश्यक थी, जिसका पालन नहीं किया गया। साथ ही अधिकारी को रंगे हाथ नहीं पकड़ा गया और उनके पास से किसी प्रकार की बरामदगी भी नहीं हुई। संघ ने आरोप लगाया कि आरोपी के कथित बयान के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जबकि ऐसे बयान की कानूनी वैधता नहीं होती। देर रात गिरफ्तारी को भी सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के विपरीत बताया गया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बुढ़मू अंचलाधिकारी द्वारा पारित आदेश राजस्व अधिकारी, कर्मचारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दिया गया था,। इसमें कोई विधिक अनियमितता नहीं था। इसके साथ ही आदेश में अपील का अधिकार भी सुरक्षित रखा गया था। ऐसे में बिना समुचित प्रारंभिक जांच की गिरफ्तारी करना प्रशासनिक अधिकारियों के मनोबल को तोड़ने वाला कदम है। संघ के अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच के लिए तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करने की जानकारी संघ के केंद्रीय कार्यकारिणी ने दी है। साथ ही राज्य सरकार से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, दोषी एसीबी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा भविष्य के लिए स्पष्ट एसओपी लागू करने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर संघ ने राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी है।



