कदवा। प्रखंड के कुम्हड़ी गांव के ब्राह्मण टोला स्थित प्राचीन मां मनसा (विषहरी) मंदिर में शुक्रवार को इस वर्ष की प्रथम पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच श्रद्धालुओं ने मां मनसा की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की। पूजा के साथ ही आगामी 17 अगस्त को भाद्र मास की संक्रांति पर आयोजित होने वाले भव्य पूजनोत्सव की तैयारियों का भी विधिवत शुभारंभ कर दिया गया। क्षेत्र के कई बुजुर्ग ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मां मनसा का यह पूजनोत्सव वर्षों पुरानी परंपरा है और पूरे क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में इसकी पहचान है। हर वर्ष भाद्र मास की संक्रांति पर दो दिनों तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक महोत्सव में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु माता के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और मन्नत पूरी होने पर चढ़ावा अर्पित कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। गांव के वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त शिक्षक कार्तिक नाथ झा के आंगन में स्थित भव्य मां मनसा मंदिर इस आयोजन का मुख्य केंद्र है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां मनसा की पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के कारण हर वर्ष श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या यहां उमड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार समय के साथ यह धार्मिक परंपरा एक ही परिवार के दो अलग-अलग आंगनों में भी निभाई जाने लगी है। एक पूजा दिवंगत देवेंद्र नाथ झा के आवास परिसर स्थित मंदिर में तथा दूसरी लखी नाथ झा के घर के आंगन में बने मंदिर में आयोजित होती है। दोनों स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है और पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बना रहता है। शुक्रवार को प्रथम पूजा के दौरान माता मनसा का विशेष श्रृंगार किया गया। वैदिक रीति से पूजा-अर्चना कर आगामी 17 अगस्त को होने वाले मुख्य पूजनोत्सव के लिए माता को न्योता देकर विधिवत आमंत्रित किया गया। शाम में भजन-कीर्तन एवं माता की भक्ति संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और लोग भाग लेंगे।
आयोजन समिति ने बताया कि मुख्य पूजनोत्सव को लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परंपरा के अनुरूप आयोजन भव्य एवं सफल बनाया जा सके। पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि इस पूजनोत्सव को सफल बनाने में कुम्हड़ी गांव एवं ब्राह्मण टोला के सभी युवकों का काफी सहयोग रहता है।




