गम्हरिया। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को रामचंद्रपुर स्थित फुटबॉल मैदान में मोड़े माझी व स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधिमंडल तथा खेरवाल सांवता जाहेरगाड़ समिति की ओर से समारोह आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक मांझी बाबा समेत समाज के विशिष्ट लोगों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह का उद्घाटन बीएचयू के वरीय प्राध्यापक डॉ. राजू मांझी, वरिष्ठ समाजसेवी गणेश महाली, झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल मुर्मू, चांडिल कॉलेज के प्राचार्य सुशील मुर्मू, फिल्म निदेशक रविराज मुर्मू ने महापुरुषों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया। समारोह को संबोधित करते हुए गणेश माहली ने कहा कि आदिवासी समाज के अस्तित्व की रक्षा और विकास के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। समाज के लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ उन्हें हासिल करने के लिए संगठित प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही आदिवासी सभ्यता, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण की जिम्मेदारी सभी की है। पूर्वजों की स्वशासन व्यवस्था और धार्मिक धरोहरों को संरक्षित एवं विकसित करने की जरूरत है। शिक्षाविद प्रो राजू मांझी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी संस्कृति, परंपरा और अधिकारों के प्रति जागरूक करने का अवसर है। उन्होंने आदिवासी संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था और परंपराओं को मजबूत करने का आह्वान किया। कहा कि व्यक्ति के विकास से ही समाज का समग्र विकास संभव है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने आदिवासी अधिकारों की रक्षा, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण तथा शिक्षा के विस्तार का संकल्प लिया। कार्यक्रम से पूर्व रामचंद्रपुर से बाइक रैली निकाली गई। रैली आदित्यपुर और कांड्रा होते हुए पुनः रामचंद्रपुर पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। समारोह में पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। मौके पर पूर्व मुखिया सोखेन हेंब्रम, मुखिया सुकमति मार्डी, मांझी बाबा जोगेंद्र मार्डी, देव मार्डी, उदय मार्डी, अविनाश सोरेन, भोमरा मांझी, भुजूहरि मार्डी, गौरीशंकर टुडू, सावना सोरेन, हेमंत मार्डी समेत काफी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।